वाइल्डलाइफ सप्ताह की शुरुआत कुछ महत्वपूर्ण संदेशों से हुई है. इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इको टूरिज्म पर फोकस किया है

देहरादून: वाइल्डलाइफ सप्ताह की शुरुआत कुछ महत्वपूर्ण संदेशों से हुई है. इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इको टूरिज्म पर फोकस किया है तो वहीं विभागीय मंत्री ने वन्यजीवों के वास स्थल और उनके कॉरिडोर पर काम करने की जरूरत बताई. हालांकि इस दौरान स्कूली बच्चों के साथ ही उन लोगों को भी वाइल्डलाइफ सप्ताह से जोड़ने की कोशिश की गई, जिन्होंने मानव वन्य जीव संघर्ष के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया.

उत्तराखंड में वाइल्डलाइफ वीक की शुरुआत के साथ ही एफआरआई में इसको लेकर तमाम कार्यक्रम आयोजित हुए. हालांकि इस दौरान फोटो प्रदर्शनी से लेकर तमाम लोगों को सम्मानित किए जाने तक का कार्यक्रम हुआ. लेकिन कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र मुख्यमंत्री का संदेश रहा. दरअसल, वन्यजीव संरक्षण को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इको टूरिज्म पर फोकस किया.

हालांकि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण पर बोलते हुए इसे भविष्य की जरूरत बताया, लेकिन इस दौरान उन्होंने अपने फोकस में इको टूरिज्म को भी रखा. उन्होंने कहा कि,

वाइल्ड लाइफ और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ इको टूरिज्म भी बेहद महत्वपूर्ण है और इस दिशा में और भी ज्यादा काम करने की जरूरत है. राज्य में लगातार नए डेस्टिनेशन बन रहे हैं, लेकिन वन विभाग के स्तर पर इको टूरिज्म के लिए और काम होने की जरूरत है, ताकि पर्यटकों को राज्य में और ज्यादा आकर्षित किया जा सके.
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड-

कार्यक्रम के दौरान उन बच्चों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने तमाम प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया. यह उन स्कूलों के बच्चे थे, जो जंगलों के आसपास रहते हैं और जिनका सामना वनों और वन्य जीवों से होता है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वन मंत्री सुबोध उनियाल ने इन बच्चों को पुरस्कृत करते हुए इन्हें पर्यावरण को लेकर सजग रहने का भी संदेश दिया.

कार्यक्रम के दौरान राजाजी टाइगर रिजर्व प्रबंधन की तरफ से फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई. साथ ही उन लोगों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने मानव वन्य जीव संघर्ष को करीब से देखा है और अपने अदम्य साहस के जरिए न केवल खुद की जान बचाई बल्कि साथियों को भी इन हालातों से बाहर निकलने का काम किया. सीएम धामी ने ऐसे 18 लोगों को सम्मानित करते हुए 51 हजार रुपए की धनराशि देने की भी घोषणा की.

वन्य जीव सप्ताह का संदेश वन्यजीवों के आवास को सुरक्षित बनाना, उनके लिए सुरक्षित रास्ते तलाश करना है. उत्तराखंड वन विभाग भी कई नए कॉरिडोर बनाने पर विचार कर रहा है, ताकि इनकी स्वतंत्र आवाजाही को बनाए रखा जा सके.
-सुबोध उनियाल, वन मंत्री उत्तराखंड-

बच्चों ने दिया वन एवं वन्यजीव संरक्षण का संदेश: उधर, वन्यजीव सप्ताह के मौके पर रामनगर में बच्चों ने अनोखे अंदाज में वन एवं वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया. प्रखंड की पहली वाइल्डलाइफ आर्ट गैलरी के तत्वाधान में आयोजित वन्यजीव जागरूकता रैली में अलग-अलग स्कूलों के बच्चे टाइगर, लैपर्ड, हाथी, पक्षी, फूल समेत विभिन्न वन्यजीवों और प्रकृति से जुड़े पात्रों की वेशभूषा में नजर आए. बच्चों ने शहर में घूम-घूमकर लोगों को जंगल और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया.

रैली के दौरान बच्चों के हाथों में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े संदेश भी नजर आए. छोटे-छोटे बच्चे टाइगर, हाथी, पक्षी और अन्य वन्यजीवों का रूप धारण कर लोगों के बीच पहुंचे और बताया कि जंगल और वन्यजीव केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है.

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