कालेश्वर में CSD कैंटीन और ECHS पॉलीक्लिनिक की मांग पर सीएम धामी से मिले पूर्व सैनिक

कालेश्वर में CSD कैंटीन और ECHS पॉलीक्लिनिक की मांग पर सीएम धामी से मिले पूर्व सैनिक
18 वर्षों से लंबित भूमि हस्तांतरण का मामला मुख्यमंत्री के सामने रखा, चमोली-रुद्रप्रयाग के हजारों पूर्व सैनिकों और सैनिक परिवारों को जगी नई उम्मीद
चमोली/देहरादून। चमोली एवं रुद्रप्रयाग जनपदों के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए लंबे समय से लंबित CSD कैंटीन एवं ECHS पॉलीक्लिनिक की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। कालेश्वर में इन दोनों महत्वपूर्ण सैनिक कल्याण सुविधाओं की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग को लेकर पूर्व सैनिक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर वर्षों से लंबित मामले को उनके समक्ष रखा।
चमोली एक्स-सर्विसमेन लीग के जिला अध्यक्ष कर्नल डी.एस. बर्त्वाल तथा शिक्षाविद, बहुभाषी लेखक एवं समाजसेवी धर्म सिंह फर्स्वाण, थराली-सोल घाटी निवासी, के नेतृत्व में पूर्व सैनिक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि चमोली एवं रुद्रप्रयाग जनपदों में लगभग 19 हजार पूर्व सैनिक तथा करीब 80 हजार सैनिक परिवारजन रहते हैं। ऐसे में इन दोनों जनपदों के लिए कालेश्वर में केंद्रीयकृत CSD कैंटीन और ECHS पॉलीक्लिनिक की स्थापना बेहद महत्वपूर्ण है।
18 वर्षों से लंबित है भूमि हस्तांतरण का मामला
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि कालेश्वर में सैनिक कल्याण सुविधाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया काफी पहले शुरू की गई थी, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक एवं तकनीकी अड़चनों के चलते मामला आज तक लंबित है।
जानकारी के अनुसार, 12 जून 2008 को तत्कालीन जिलाधिकारी चमोली द्वारा करीब 0.341 हेक्टेयर भूमि ECHS एवं CSD जैसी आवश्यक सैनिक कल्याण सुविधाओं के लिए उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद भूमि हस्तांतरण को लेकर वन विभाग, रक्षा संपदा विभाग और अन्य संबंधित विभागों के स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।
बताया गया कि वर्ष 2009 में भूमि हस्तांतरण के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति भी प्राप्त हुई थी। इसके बाद जनवरी 2013 में वन विभाग को देय राशि के रूप में ₹52,320 का चेक भी जमा किया गया। इसके बावजूद भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम रूप नहीं ले सकी।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार तत्कालीन सरकारी प्रावधानों और रक्षा विभाग की ओर से उठाई गई आपत्तियों के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पाया। इसका सीधा असर उन पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्हें आज भी CSD एवं चिकित्सा सुविधाओं के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है।
बुजुर्ग पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को मिलेगी बड़ी राहत
पूर्व सैनिक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि कालेश्वर में CSD कैंटीन और ECHS पॉलीक्लिनिक की स्थापना होने से सबसे बड़ी राहत बुजुर्ग पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रित परिवारों को मिलेगी।
वर्तमान में कई पूर्व सैनिकों को आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा सेवाओं और CSD सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे न केवल उनका समय और धन खर्च होता है, बल्कि उम्रदराज पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शारीरिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।
कालेश्वर में सुविधाएं उपलब्ध होने से दूर-दराज के क्षेत्रों में स्थित कैंटीन और चिकित्सा केंद्रों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही रुद्रप्रयाग स्थित CSD कैंटीन पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी कम किया जा सकेगा।
आधुनिक सुविधाओं की राह होगी आसान
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भूमि उपलब्ध होने के बाद भविष्य में यहां आधुनिक भवन, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और व्यवस्थित CSD कैंटीन संचालन की दिशा में भी काम किया जा सकेगा। इससे दोनों जनपदों के हजारों पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को एक ही स्थान पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
पूर्व सैनिकों का कहना है कि यह मांग केवल एक भवन या कैंटीन की स्थापना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के सम्मान, सुविधा और कल्याण से जुड़ा विषय है।
मुख्यमंत्री से जल्द समाधान की उम्मीद
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अनुरोध किया कि कालेश्वर में उपलब्ध भूमि को CSD कैंटीन और ECHS पॉलीक्लिनिक के लिए निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने की दिशा में संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि वर्षों से लंबित इस मामले का समाधान हो सके।
पूर्व सैनिक प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और संबंधित अधिकारियों के सहयोग से भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी और कालेश्वर में CSD कैंटीन एवं ECHS पॉलीक्लिनिक की स्थापना का रास्ता साफ होगा।
यदि यह पहल धरातल पर आगे बढ़ती है तो यह चमोली और रुद्रप्रयाग के हजारों पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित हो सकती है।
मीडिया का जताया आभार
पूर्व सैनिक प्रतिनिधिमंडल ने इस महत्वपूर्ण मांग को लगातार उठाने और इसे जनसरोकार का विषय बनाने के लिए पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मीडिया के सहयोग से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की वर्षों पुरानी मांग शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही है।
पूर्व सैनिकों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित यह मामला अब समाधान की दिशा में आगे बढ़ेगा और कालेश्वर में CSD कैंटीन एवं ECHS पॉलीक्लिनिक की स्थापना का सपना जल्द साकार होगा।

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