उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर पूरे प्रदेश में शोक की लहर

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर पूरे प्रदेश में शोक की लहर है. इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेहद भावुक नजर आए और उन्होंने जनरल खंडूड़ी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

 

मंगलवार को जैसे ही जनरल खंडूड़ी के निधन की सूचना मिली, मुख्यमंत्री धामी उस समय बस्तर (छत्तीसगढ़) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल हो रहे थे. शोक समाचार मिलते ही मुख्यमंत्री ने अपना कार्यक्रम तत्काल बीच में ही छोड़ा और सीधे देहरादून के लिए रवाना हो गए.

देहरादून पहुंचते ही मुख्यमंत्री धामी सबसे पहले बंसत विहार स्थित जनरल खंडूड़ी के आवास पहुंचे. वहां उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनरल खंडूड़ी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड के विकास और सुशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता.

मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सरकार की ओर से जनरल खंडूड़ी के सम्मान में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की. इसके साथ ही एक दिन के राजकीय अवकाश के निर्देश भी दिए गए. उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि जनरल खंडूड़ी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय और पुलिस सम्मान के साथ किया जाए, जो उनके योगदान और व्यक्तित्व के अनुरूप हो.

बुधवार सुबह भी मुख्यमंत्री धामी एक बार फिर जनरल खंडूड़ी के आवास पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और अंतिम विदाई देते हुए शवयात्रा में शामिल हुए. भावुक माहौल के बीच मुख्यमंत्री ने स्वयं पार्थिव शरीर को कंधा दिया, जो उनके सम्मान और व्यक्तिगत जुड़ाव को दर्शाता है.

इसके बाद शवयात्रा भाजपा मुख्यालय पहुंची, जहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जनरल खंडूड़ी को अंतिम श्रद्धांजलि दी. इसके पश्चात हरिद्वार में पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री धामी भी शामिल हुए. इस दौरान पूरा वातावरण गमगीन रहा और हर किसी की आंखें नम दिखाई दीं.

मुख्यमंत्री धामी इस दौरान काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि जनरल खंडूड़ी न सिर्फ एक सख्त प्रशासक थे, बल्कि एक ईमानदार और अनुशासित नेता के रूप में उनकी पहचान रही. उनके नेतृत्व में उत्तराखंड ने विकास और पारदर्शिता की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए.

जनरल बीसी खंडूड़ी को भारतीय सेना में उनके योगदान के लिए भी जाना जाता है. सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में आकर उत्तराखंड की सेवा की और दो बार मुख्यमंत्री के रूप में राज्य का नेतृत्व किया. उनके कार्यकाल में सड़क, प्रशासनिक सुधार और सुशासन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए, जिनका प्रभाव आज भी देखा जा सकता है.

उनके निधन से उत्तराखंड ने एक अनुभवी नेता, कुशल प्रशासक और सच्चे जनसेवक को खो दिया है. मुख्यमंत्री धामी समेत प्रदेश के तमाम नेताओं और नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया.

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