📰 आंगनबाड़ी केंद्र में जगह की कमी और पोषण सामग्री के भंडारण को लेकर उठे सवाल
सेलाकुई। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक पोषण सामग्री पहुंचाने का काम किया जाता है। लेकिन कई बार यही व्यवस्था आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए चुनौती बन जाती है। तस्वीरों में दिखाई दे रहा यह आंगनबाड़ी केंद्र भी ऐसी ही कई समस्याओं से जूझता नजर आ रहा है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री मनीषा खड़ंगा के अनुसार, केंद्र पर बच्चों की संख्या अधिक है, जबकि केंद्र के पास उपलब्ध जगह काफी सीमित है। ऐसे में बच्चों को बैठाने, उन्हें गतिविधियां कराने और रोजमर्रा की आंगनबाड़ी की व्यवस्थाओं को संचालित करने में काफी परेशानी होती है। कम जगह होने के कारण एक साथ आने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वहीं दूसरी ओर केंद्र पर समय-समय पर बड़ी मात्रा में पोषण सामग्री और बच्चों के लिए वितरित किए जाने वाले सामान की खेप पहुंचती है। सीमित जगह में इतनी अधिक सामग्री आने के बाद उसे सुरक्षित तरीके से रखने के लिए भी पर्याप्त स्थान की समस्या सामने आती है। केंद्र के अंदर पहले से मौजूद शिक्षण सामग्री, बच्चों के खिलौने और अन्य सामान के बीच पोषण सामग्री रखने से जगह और भी कम हो जाती है।
मनीषा खड़ंगा का कहना है कि अलग-अलग किट में मिलने वाली सामग्री की मात्रा भी हमेशा एक जैसी नहीं होती। कुछ किट में अपेक्षाकृत कम सामग्री होने की बात सामने आती है, जबकि कुछ समय पर काफी अधिक सामान एक साथ पहुंच जाता है। ऐसे में सवाल यह है कि वितरण की योजना और उपलब्ध भंडारण क्षमता के बीच बेहतर तालमेल क्यों नहीं बनाया जा रहा है?
सबसे महत्वपूर्ण चिंता छोटे बच्चों को मिलने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसकी एक्सपायरी डेट को लेकर बताई जा रही है। मनीषा खड़ंगा के मुताबिक, कभी-कभी ऐसी सामग्री भी सामने आती है जिसकी एक्सपायरी डेट नजदीक होती है या कथित तौर पर एक्सपायरी सामग्री मिलने की स्थिति भी बनती है। हालांकि इस संबंध में संबंधित विभाग की ओर से जांच और आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। बच्चों के पोषण से जुड़ी सामग्री होने के कारण उसकी गुणवत्ता, पैकिंग, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा केंद्र में पहले से मौजूद और नई आई सामग्री को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी मात्रा में सामान आने के बाद उसका वितरण किस समय और किस प्रक्रिया के तहत किया जाएगा? क्या सामग्री के भंडारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था है? क्या प्रत्येक किट का रिकॉर्ड रखा जा रहा है? और क्या बच्चों तथा लाभार्थियों तक सामग्री समय पर पहुंच रही है?
आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शुरुआती विकास और पोषण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में केवल सामग्री उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता की जांच, समय पर वितरण और बच्चों तक सही मात्रा में पहुंचने की व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है।
अब जरूरत है कि संबंधित विभाग इस केंद्र में जगह की समस्या, बच्चों की संख्या, आने वाली पोषण सामग्री की मात्रा और उसकी गुणवत्ता व एक्सपायरी डेट से जुड़े बिंदुओं का संज्ञान ले और स्थिति स्पष्ट करे।
सवाल सिर्फ सामान आने का नहीं है, सवाल यह है कि वह सामान सुरक्षित तरीके से रखा जा रहा है या नहीं, समय पर वितरित हो रहा है या नहीं और बच्चों तक पहुंचने वाली सामग्री पूरी तरह सुरक्षित और उपयोग योग्य है या नहीं।
